24.30 लाख लीटर वर्षा जल संग्रहण की क्षमता विकसित, निर्माण कार्य से ग्रामीणों को अब तक मिले 3,166 मानव दिवस का रोजगार

पहाड़ी ढलानों पर वर्षा जल सहेजने की पहल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्री के डोंगरी टोला में वर्षा जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां लगभग 3 हजार स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है, जिनमें कुल 24 लाख 30 हजार लीटर वर्षा जल संग्रहण की क्षमता विकसित हुई है।
इस पहल से गर्मी के दिनों में पानी की समस्या का सामना करने वाले लगभग 250 ग्रामीण परिवारों को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, निर्माण कार्य के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है।
पहाड़ी ढलानों पर रुकेगा पानी का बहाव
पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में बारिश का पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। इससे वर्षा जल का समुचित उपयोग नहीं हो पाता और मिट्टी के कटाव की समस्या भी बढ़ती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए डोंगरी टोला में वैज्ञानिक पद्धति से स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं।
पहाड़ी ढलानों पर क्रमबद्ध तरीके से बनाई गई ये संरचनाएं वर्षा जल के बहाव को धीमा करने और उसे रोककर जमीन में समाहित होने का अवसर देने में मदद करेंगी। इससे भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने और आसपास की भूमि में नमी बनाए रखने की उम्मीद है।
24.30 लाख लीटर जल संग्रहण क्षमता विकसित
डोंगरी टोला में निर्मित लगभग 3 हजार कंटूर ट्रेंच की कुल जल संग्रहण क्षमता 24 लाख 30 हजार लीटर बताई गई है। बारिश के दौरान इनमें पानी एकत्रित होने से मिट्टी के कटाव को कम करने और भूजल स्तर में सुधार लाने में सहायता मिल सकती है।
इसका लाभ आसपास के कुओं और अन्य पारंपरिक जलस्रोतों को भी मिलने की संभावना है। खासकर गर्मी के मौसम में पानी की कमी से जूझने वाले लगभग 250 परिवारों के लिए यह पहल दीर्घकालीन जल सुरक्षा की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।
जल संरक्षण के साथ 3,166 मानव दिवस का रोजगार
इस परियोजना के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आजीविका को भी सहारा मिला है। निर्माण कार्य में प्रतिदिन लगभग 150 से 160 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक इस कार्य से कुल 3,166 मानव दिवस रोजगार का सृजन हो चुका है।
स्थानीय स्तर पर काम मिलने से ग्रामीण परिवारों को आय का साधन मिला है। इस तरह जल संरक्षण की संरचनाओं के निर्माण से प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने का प्रयास किया गया है।
हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
कंटूर ट्रेंच में वर्षा जल रोकने से पानी धीरे-धीरे जमीन में समा सकेगा। इससे मिट्टी में नमी बढ़ने और पेड़-पौधों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है। तेज बारिश के दौरान पानी के बहाव को नियंत्रित करने से मिट्टी के कटाव में भी कमी आ सकती है।
डोंगरी टोला में विकसित ये संरचनाएं जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने की पहल हैं। आने वाले समय में इनके प्रभाव से भूजल पुनर्भरण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परिवारों की जल उपलब्धता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
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