कोतवाली पुलिस ने सरोज कुमार बेहरा को बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर पकड़ा; चोरी के मामले में फरार दूसरे स्थायी वारंटी को भी धरमजयगढ़ से गिरफ्तार किया

रायगढ़। फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेक बाउंस के 15 अलग-अलग मामलों में स्थायी वारंटी सरोज कुमार बेहरा को झारसुगुड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
15 स्थायी वारंट में पुलिस को थी तलाश

पुलिस के अनुसार सरोज कुमार बेहरा पिता सुनील बेहरा, निवासी सागरपाली, थाना रेंगाली, तहसील लखनपुर, जिला झारसुगुड़ा (ओडिशा) के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायगढ़ के न्यायालय में चेक बाउंस से संबंधित 15 अलग-अलग शिकायतें लंबित थीं।
इन मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कार्रवाई चल रही थी। न्यायालय ने आरोपी को उपस्थित होने के लिए पहले समंस और बाद में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए।
झारसुगुड़ा में होने की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सरोज बेहरा झारसुगुड़ा क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम झारसुगुड़ा रवाना हुई और बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे रायगढ़ लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया।
वाहन फाइनेंस के लिए देता था चेक
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों से वाहन फाइनेंस करवाता था और वाहन की किस्तों के भुगतान के लिए चेक जारी करता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी होने के बावजूद चेक जारी किए जाते रहे। चेक बाउंस होने के बाद संबंधित पक्षों ने न्यायालय में शिकायतें दायर कीं। न्यायालय के समंस और वारंट के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हुए।
चोरी के मामले में दूसरे स्थायी वारंटी को भी पकड़ा
ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत कोतवाली पुलिस ने चोरी के मामले में फरार स्थायी वारंटी हेमंत दास महंत को भी गिरफ्तार किया है।
हेमंत दास महंत पिता अशोक दास महंत, निवासी जेलपारा धरमजयगढ़, वर्तमान पता छोटे अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर के खिलाफ दो स्थायी वारंट लंबित थे। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस ने हेमंत दास महंत को धरमजयगढ़ से गिरफ्तार किया। उसे भी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
दोनों स्थायी वारंटियों की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, प्रधान आरक्षक हेमंत चंद्रा, आरक्षक कमलेश यादव और आरक्षक प्रताप बेहरा की अहम भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान फरार आरोपियों और लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामिली पर केंद्रित है।
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