प्रतिमाओं की सफाई, सुरक्षा और रखरखाव के साथ बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, हर तीन महीने में देनी होगी रिपोर्ट

रायपुर, 20 अगस्त 2026। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थापित महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महान विभूतियों की प्रतिमाओं की अब नियमित रूप से साफ-सफाई और देखरेख की जाएगी। नगरीय निकाय विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को प्रतिमाओं की सफाई, सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
इसके साथ ही सभी प्रतिमाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। निकायों को प्रतिमाओं की स्थिति की जानकारी नियमित रूप से क्षेत्रीय कार्यालय को देनी होगी और हर तीन महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
12 बिंदुओं में जारी किए गए निर्देश
नगरीय निकाय विभाग ने प्रतिमाओं के रखरखाव को लेकर 12 बिंदुओं के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक निकाय को अपने क्षेत्र में स्थापित सभी प्रतिमाओं की सूची तैयार करनी होगी।
इस सूची में प्रतिमा का नाम, स्थान, स्थापना वर्ष, वर्तमान स्थिति और संधारण की जिम्मेदारी जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे निकायों के पास अपने क्षेत्र की सभी प्रतिमाओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
सफाई से लेकर चबूतरे और चारदीवारी तक की होगी देखरेख
प्रतिमाओं का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। सफाई, धुलाई, पेंटिंग और पालिशिंग के साथ प्रतिमाओं के चबूतरे, रेलिंग, फर्श, सीढ़ियों और चारदीवारी की भी आवश्यकतानुसार मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा।
प्रतिमाओं के आसपास के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए हरित क्षेत्र विकसित करने, फूलों के पौधे लगाने और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण और पोस्टर-बैनर पर रहेगी रोक
प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए जरूरत के अनुसार बाड़ और रेलिंग लगाने की व्यवस्था की जाएगी। प्रतिमा परिसर के आसपास अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, पोस्टर-बैनर और विज्ञापन लगाने पर रोक रहेगी।
इसके अलावा प्रत्येक प्रतिमा के पास संबंधित महापुरुष का संक्षिप्त परिचय देने वाली सुवाच्य पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आम लोगों और नई पीढ़ी को उनके योगदान की जानकारी मिल सके।
जयंती और पुण्यतिथि पर होगी विशेष व्यवस्था
महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि जैसे विशेष अवसरों पर प्रतिमाओं की विशेष सफाई, सजावट और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।
प्रत्येक नगरीय निकाय को इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर वार्षिक कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इससे प्रतिमाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी तय होगी और कार्यों की नियमित निगरानी भी की जा सकेगी।
पहले और बाद की तस्वीरों से बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
विभाग के निर्देश के अनुसार प्रतिमाओं की पहले और बाद की स्थिति का फोटो सहित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस रिकॉर्ड के माध्यम से यह देखा जा सकेगा कि प्रतिमाओं और उनके आसपास के परिसर की स्थिति में रखरखाव के बाद कितना सुधार हुआ।
निकायों को तैयार डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी क्षेत्रीय कार्यालय को नियमित रूप से उपलब्ध करानी होगी। हर तीन महीने में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है।
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