
बिलासपुर/कोरबा, 19 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, कोरबा समेत आसपास के क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश और आसमान में छाए घने बादलों से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिलासपुर में लगातार दूसरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए, वहीं रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण दिन में भी अंधेरा छाया रहा।
दूसरी ओर कोरबा जिले में हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार पानी की आवक से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
बिलासपुर में दिनभर छाई रही काली घटाएं
बिलासपुर में बुधवार सुबह से शुरू हुई हल्की बारिश दिनभर रुक-रुककर होती रही। गुरुवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है।
सीजन में पहली बार लगातार दूसरे दिन सावन जैसा मौसम बना रहा। लगातार बादल और बारिश के कारण मौसम सुहावना रहा। दिन का तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया।
हालांकि प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में ही दर्ज किया गया। बारिश के चलते लोग छाता और रेनकोट लेकर घरों से निकले। वहीं मौसम का आनंद लेने बड़ी संख्या में लोग पर्यटन स्थलों और बांधों की ओर भी पहुंचे।
कोरबा में बाढ़ का खतरा बढ़ा
कोरबा जिले में लगातार बारिश और हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में पानी की भारी आवक ने चिंता बढ़ा दी है। नदी और नाले उफान पर हैं। कई निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने की स्थिति सामने आई है।
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
19 अगस्त को भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
भारी बारिश का संभावित क्षेत्र मुख्य रूप से सरगुजा संभाग और उससे लगे बिलासपुर संभाग के जिले बताए गए हैं। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
झारखंड के ऊपर बना अवदाब बढ़ा सकता है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में एक अवदाब झारखंड और उससे लगे गंगेटिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थित है। इसके लगातार पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और बिहार की ओर जाने की संभावना है।
अगले 24 घंटे में इसके चिन्हित निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी प्रणाली की दिशा और गति का असर छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों पर पड़ सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण
इसके अलावा एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है।
वहीं मानसून द्रोणिका भी सक्रिय है। यह मौसमी परिस्थितियां प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
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