प्रसन्न स्व सहायता समूह की 22 महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों से तैयार की आकर्षक राखियां, कलेक्टर ने खरीदी राखियां और बढ़ाया हौसला

कोरबा, 20 अगस्त 2026। आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने हुनर और स्थानीय संसाधनों को नई पहचान देने का माध्यम भी बन सकती है। कोरबा जिले की महिला स्व सहायता समूह की दीदियां अपने परिश्रम, रचनात्मकता और नवाचार से इसकी मिसाल पेश कर रही हैं।
बेला कछार, दोनद्रो पंचायत का प्रसन्न स्व सहायता समूह स्थानीय संसाधनों से आकर्षक राखियां तैयार कर महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2018 से बिहान से जुड़ा है 22 सदस्यीय समूह
प्रसन्न स्व सहायता समूह वर्ष 2018 से बिहान से जुड़कर महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। समूह में कुल 22 सदस्य हैं।
समूह की महिलाएं मांग और मौसम के अनुसार अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं। इनमें बाती, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक सामग्री और कपड़ों से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। समय के साथ महिलाओं ने नए उत्पादों को अपने काम में शामिल कर आय के अवसर भी बढ़ाए हैं।
धान, साबूदाना और चावल से तैयार की खास राखियां
रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए समूह की दीदियों ने स्थानीय संसाधनों और अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल कर आकर्षक राखियां तैयार की हैं।
धान, बर्रे भाजी, साबूदाना और चावल जैसे स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों से बनाई गई राखियां लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन राखियों की खासियत उनकी खूबसूरती के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिलाओं के हुनर में छिपी है।
इन उत्पादों के जरिए समूह की महिलाएं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ महिला उद्यमिता को भी मजबूत कर रही हैं।
कलेक्टोरेट में लगाया राखियों का स्टॉल
समूह की दीदियां श्रीमती नीतू कर्ष और श्रीमती मीरा देवांगन ने कलेक्टोरेट परिसर में राखियों का स्टॉल लगाया। यहां उन्होंने अपने हाथों से तैयार विभिन्न प्रकार की राखियां प्रदर्शित कीं।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने स्टॉल पर पहुंचकर राखियां खरीदीं और महिलाओं के प्रयासों व हुनर की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर के प्रोत्साहन से समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे भविष्य में अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित हुई हैं।
महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल
प्रसन्न स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना भी उनके लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों के साथ-साथ अपने काम और आजीविका संबंधी गतिविधियों में कर रही हैं।
दीदियों के अनुसार उन्हें अब तक योजना की 30 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं। नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपने छोटे-बड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री के लिए बनाई विशेष राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर प्रसन्न स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के लिए विशेष राखी भी तैयार की है।
महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिल रहे आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि योजनाओं से मिलने वाला सहयोग उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है।
हुनर, मेहनत और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह
प्रसन्न स्व सहायता समूह की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को संगठित होकर काम करने का अवसर, प्रशिक्षण और योजनाओं का सहयोग मिलता है, तो वे अपने हुनर को मजबूत आजीविका का माध्यम बना सकती हैं।
स्थानीय संसाधनों से राखियां तैयार करने से लेकर अन्य उत्पाद बनाने तक, समूह की महिलाएं स्थानीय उत्पाद, महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का संदेश दे रही हैं।
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