अंतागढ़ और आसपास के गांवों के लोगों के लिए रेल यात्रा बनी यादगार, कम खर्च में सफर के साथ स्वास्थ्य और पढ़ाई के नए अवसर मिलने की उम्मीद

उत्तर बस्तर कांकेर, 21 अक्टूबर 2026। बस्तर अंचल के दुर्गम और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र रावघाट तक रेल सेवा पहुंचने से ग्रामीणों के सपनों को नई उड़ान मिली है। जिन लोगों के लिए कभी ट्रेन को करीब से देखना भी उत्सुकता का विषय था, वे अब उसी ट्रेन में बैठकर सफर कर रहे हैं। पहली बार रेल यात्रा करने वाले ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आ रही है। लोगों को उम्मीद है कि रेल सेवा से यात्रा का खर्च कम होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा व्यापार के नए अवसरों तक पहुंच आसान बनेगी।
रावघाट तक ट्रेन पहुंचना क्षेत्र में आवागमन और जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को अब बड़े शहरों तक आने-जाने के लिए एक नया विकल्प मिलने की उम्मीद है।
पहली बार ट्रेन में बैठीं तीन सहेलियां, साझा किया अनुभव
विकासखंड अंतागढ़ के ग्राम फूलपाड़ निवासी प्रेमबती गावड़े, बज्जय कौड़ो और सईते नुरेटी ने पहली बार ट्रेन में सफर किया। तीनों सहेलियों ने डेमो टिकट लेकर अंतागढ़ तक यात्रा की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ट्रेन में बैठकर सफर करना उन्हें बहुत अच्छा लगा।
इसी तरह कुमारी समीना कावड़े ने भी पहली बार रेल यात्रा की और इस नए अनुभव पर खुशी जताई। इन महिलाओं के लिए यह यात्रा सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन का यादगार पल बन गई।
ग्रामीणों को कम खर्च में यात्रा और इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद
रावघाट के पास स्थित ग्राम आतुरबेड़ा निवासी सोनू उसेंडी ने कहा कि उनके गांव के कई लोगों ने पहले कभी ट्रेन को करीब से नहीं देखा था। ग्रामीण बस से ट्रेन देखने आए थे, लेकिन अब उन्हें खुद ट्रेन में सफर करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल सेवा शुरू होने से इलाज के लिए दूसरे शहरों तक पहुंचना आसान होगा। साथ ही कम खर्च में यात्रा करने से परिवहन पर होने वाला खर्च भी बचेगा। सोनू उसेंडी ने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए मिलेंगे नए विकल्प
रेल सेवा शुरू होने से विद्यार्थियों में भी उत्साह है। ग्राम ताड़ोकी निवासी कक्षा 9वीं की छात्रा गायत्री नुरेटी और नारायणपुर निवासी कक्षा 9वीं की छात्रा मीनाक्षी उसेंडी ने भी पहली बार ट्रेन में सफर किया।
दोनों छात्राओं को उम्मीद है कि रेल सेवा से बड़े शहरों तक पहुंचना आसान होगा। इससे आगे की पढ़ाई के लिए नए विकल्प तलाशने और बेहतर शैक्षणिक अवसरों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आवागमन की सुविधा बढ़ना भविष्य की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।
सोशल मीडिया क्रिएटर रूपेश सलाम भी पहुंचे रावघाट
ग्राम भैंसगांव निवासी सोशल मीडिया क्रिएटर रूपेश सलाम को जब रावघाट तक रेल सेवा शुरू होने की जानकारी मिली, तो वे अपने दोस्तों के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने भी ट्रेन में सफर कर इस नए अनुभव का आनंद लिया। उनके लिए यह यात्रा यादगार रही।
रेल सेवा से क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
रावघाट तक रेल सेवा पहुंचने से ग्रामीणों में आवागमन के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं को लेकर उम्मीद बढ़ी है। स्थानीय लोगों को आशा है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होगी। पहली बार ट्रेन में सफर करने वाले ग्रामीणों की खुशी इस बदलाव की अहम तस्वीर पेश करती है।
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कांकेर जिला एक नज़र
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