रबी सीजन 2026-27 से एफएफएस ऐप के जरिए होगा खाद वितरण, कृषि अधिकारियों और विक्रेताओं को दिया गया प्रशिक्षण

मुंगेली, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में रबी वर्ष 2026-27 से रासायनिक उर्वरकों के वितरण को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) ऐप आधारित क्यूआर कोड एवं टोकन प्रणाली लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी भूमि के रकबे और बोई गई फसल की जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। नई प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कृषि अधिकारियों और खाद विक्रेताओं को दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के उर्वरक विक्रेताओं, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों, कृषि विकास अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को एफएफएस ऐप के संचालन, क्यूआर कोड तैयार करने और टोकन आधारित उर्वरक वितरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों और विक्रेताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि रबी सीजन में किसानों को खाद लेने के दौरान उचित मार्गदर्शन मिल सके और नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
चौपालों के माध्यम से किसानों को किया जाएगा जागरूक
उप संचालक कृषि वीणा ठाकुर ने एफएफएस प्रणाली के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए गांवों में चौपाल आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाना जरूरी है, जिससे वे ऐप आधारित प्रक्रिया को समझ सकें और उर्वरक प्राप्त करने में होने वाली परेशानियों से बच सकें।
एफएफएस ऐप से ऐसे मिलेगा उर्वरक
जिला मास्टर ट्रेनर मनहरण कुर्रे ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि एफएफएस ऐप के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के लिए कुछ प्रमुख चरण पूरे करने होंगे।
- किसान की भूमि और बोई गई फसल से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी।
- आवश्यक उर्वरक की मात्रा का चयन किया जाएगा।
- उर्वरक विक्रेता का चयन किया जाएगा।
- इसके बाद क्यूआर कोड या टोकन जनरेट किया जाएगा।
- संबंधित टोकन के आधार पर उर्वरक वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उर्वरक विक्रेताओं को भी ऐप से प्राप्त क्यूआर कोड और टोकन के आधार पर खाद वितरण करने का प्रशिक्षण दिया गया।
डिजिटल व्यवस्था से वितरण प्रक्रिया होगी व्यवस्थित
एफएफएस ऐप आधारित प्रणाली से उर्वरक वितरण प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से जोड़ने और उसे अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों और विक्रेताओं को नई प्रणाली की जानकारी मिलने से किसानों को आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी।
ये भी पढ़े….. बालोद से रायपुर तक मेमू ट्रेन शुरू, महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ ने रावघाट तक पहुंचाई पहली ट्रेन
मुंगेली जिला एक नज़र
- दल्लीराजहरा के गार्डन में भीषण आग, सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए सजावटी पुतले जलकर खाक

- भाजपा विधायक संजय पाठक की कंपनी से कथित धोखाधड़ी मामले में रायपुर के कारोबारी की गिरफ्तारी टली, पुलिस पहुंचने से पहले फरार

- रायगढ़ पुलिस की दो जुआ फड़ों पर एक साथ दबिश, 29 जुआरी गिरफ्तार; 9 लाख रुपये से अधिक नकद जब्त

- नक्सलमुक्त बस्तर के कई गांवों में पहली बार मनेगी दिवाली, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्रा दिव्या पुरी को लिखा पत्र, पढ़ाई और आत्मनिर्भरता के लिए किया प्रोत्साहित

- रायपुर के किराये के मकान में मां-बेटे के शव मिलने से सनसनी, 3-4 दिन से थे लापता

- बलौदाबाजार में करंट हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, पिता-पुत्र के बाद मां ने भी तोड़ा दम

- जेब में रखी पोटाश में धमाका, 16 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से झुलसा, बाइक सवार साथी भी घायल

- धनतेरस पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में बंपर खरीदारी, 8 से 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान

